- 8 साल बाद जेष्ठ में अधिकमास का दुर्लभ संयोग: 17 मई से 15 जून तक रहेंगे मांगलिक कार्य बंद, धार्मिक साधना, दान-पुण्य और तीर्थ के लिए श्रेष्ठ समय
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत से अभिषेक; शेषनाग मुकुट में दिए भगवान ने दर्शन
- महाकाल मंदिर में गुरुवार को दो राज्यों के मंत्री पहुंचे: भस्म आरती में गोवा के कैबिनेट मंत्री, दद्योदक आरती में दिल्ली के गृह मंत्री ने किए दर्शन
- फूलों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी: CM ने उज्जैन में फ्लोरीकल्चर सेंटर बनाने का किया ऐलान, बोले- कम जमीन में ज्यादा आय का माध्यम बनेंगी उद्यानिकी फसलें
- महाकाल मंदिर में नई सुविधा: अन्न क्षेत्र में अब ऑनलाइन होगा दान, वेबसाइट के जरिए कहीं से भी कर सकेंगे दान
के .डी पेलेस
यह स्थान सिद्धनाथ से करीब तीन किलोमीटर और स्टेशन से करीब 11 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां पर सूर्य देवता का मंदिर था एवं इस स्थान के निकट ही कालियादेह ग्राम भी स्थित है। इस स्थान को पुराणों में ब्रहमकंुड भी कहा जाता है। चार सौ वर्ष पूर्व नसीरूद्दीन खिलजी ने मूल स्थान को तोडकर कालियादेह महल बनवाया था। यह महल प्राचीन महलों में से एक है। यह स्थान अब एक जीर्ण स्थान में परिवर्तित हो चुका है।